नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दो-तिहाई सांसदों के साथ पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। इस बड़े दलबदल के बाद देश की सियासत गरमा गई है और विपक्षी खेमे में हलचल तेज है। इस घटनाक्रम पर राजनीतिक विश्लेषक और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
संविधान और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ: योगेंद्र यादव
योगेंद्र यादव ने राघव चड्ढा के इस कदम को महज पार्टी छोड़ना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का पतन बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना ‘दलबदल विरोधी कानून’ की मूल भावना को पूरी तरह नष्ट करती है।

सिर्फ सत्ता की भूखी रह गई है AAP’
कभी आम आदमी पार्टी का हिस्सा रहे योगेंद्र यादव ने अपनी पुरानी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ‘आप’ से अब कोई लगाव नहीं है और न ही वह पार्टी का बचाव कर रहे हैं। यादव ने कहा:
सत्ता का केंद्र: AAP अब ऐसी जगह बन गई है जहाँ लोग केवल सत्ता की खातिर आते हैं।
नैतिकता का अभाव: पार्टी ने अपने उन आदर्शों को खो दिया है जिनके दम पर वह खड़ी हुई थी।
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव और एक पार्टी’ का मॉडल
राघव चड्ढा पर हमला बोलते हुए यादव ने सवाल उठाया कि जब पार्टी ने उन्हें सब कुछ (पद और प्रतिष्ठा) दिया, तो फिर यह कदम क्यों? उन्होंने केंद्र सरकार के बढ़ते प्रभाव पर तंज कसते हुए कहा कि आज देश पर “एक राष्ट्र, एक चुनाव, एक पार्टी और एक नेता” का मॉडल थोपा जा रहा है।
सियासी गलियारों में हड़कंप
बता दें कि राघव चड्ढा के साथ ‘आप’ के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में जाना अरविंद केजरीवाल के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस दलबदल के बाद राज्यसभा में समीकरण बदल सकते हैं, जिसका सीधा फायदा केंद्र सरकार को मिल सकता है। फिलहाल, आम आदमी पार्टी के अन्य बड़े नेताओं की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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