जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में बिना किसी सूचना के अनुपस्थिति रहने पर कई विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश-डीएम
गोण्डा-
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण अभियान की तैयारियों तथा स्वच्छता एवं प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार पौधारोपण की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि पौधारोपण अभियान के लिए आवश्यक तैयारियां समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि गड्ढा खुदाई, पौधों की उपलब्धता, सिंचाई की व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी उपाय पहले से सुनिश्चित किए जाएं, ताकि अभियान के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) एवं एनएचएआई विभाग को भी निर्धारित स्थलों पर सघन प्लांटेशन कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर लोक निर्माण खण्ड प्रथम, द्वितीय एवं प्रांतीय खण्ड के अधिशासी अभियंताओं तथा नगर पंचायत मनकापुर, धानेपुर एवं बेलसर के अधिशासी अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठकों में विभागाध्यक्षों की उपस्थिति अनिवार्य है। यदि भविष्य में कोई विभागाध्यक्ष स्वयं उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर को शीघ्र तैयार कराकर संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए एमआरएफ सेंटर की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनपद में नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे ईंट भट्ठों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। पर्यावरण मानकों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
बैठक में जनपद की छोटी नदियों की साफ-सफाई पर भी विशेष बल दिया गया। अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खण्ड एवं डीसी मनरेगा को निर्देश दिए गए कि सभी छोटी नदियों की समुचित सफाई कर जल प्रवाह को सुचारु बनाया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन, प्रभागीय वनाधिकारी अनुराग प्रियदर्शी, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, एसडीओ वन विभाग सुदर्शन, डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, एसीएमओ, खनन अधिकारी सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारी का उपस्थित रहे।
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