नेशनल डेस्क : मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में हुए इजराइली-अमेरिकी हवाई हमलों में एक गर्ल्स स्कूल की 51 छात्राओं की मौत की पुष्टि हुई है। यह इस ऑपरेशन के दौरान ईरान में सामने आई पहली आधिकारिक रूप से पुष्टि की गई सामूहिक मौतें बताई जा रही हैं। मिनाब में ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का एक अहम बेस स्थित है। शुरुआती रिपोर्ट तेहरान से आईं, जिसके बाद देश के अन्य हिस्सों में भी हमलों की जानकारी सामने आई।
तेहरान छोड़ने की सलाह
हमलों के बाद ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने राजधानी तेहरान के नागरिकों से अस्थायी रूप से शहर छोड़ने की अपील की है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि मौजूदा हालात को देखते हुए लोग शांतिपूर्वक सुरक्षित स्थानों की ओर जा सकते हैं। राजधानी के कई इलाकों से धुएं के गुबार उठते देखे गए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, शुरुआती हमलों में से कुछ क्षेत्र ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के दफ्तर के आसपास भी प्रभावित हुए।
ट्रंप का बयान, नेतन्याहू का समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें “अपनी किस्मत पर नियंत्रण” करना चाहिए और 1979 से सत्ता में मौजूद इस्लामिक नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी हमलों को “रणनीतिक लक्ष्य” बताते हुए समर्थन किया। हाल के हफ्तों में क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव ने हालात को और गंभीर बना दिया था।
खाड़ी देशों में बढ़ी हलचल
हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की गई। UAE और इराक ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। बहरीन के जुफेयर इलाके, जहां अमेरिकी नौसैनिक अड्डा स्थित है, वहां से लोगों को निकाला जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।
ईरान का कड़ा रुख
ईरान के विदेश मंत्रालय ने सख्त बयान जारी करते हुए कहा है कि देश अपनी सुरक्षा की रक्षा में “कोई हिचकिचाहट” नहीं दिखाएगा। मंत्रालय ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि “दुश्मन के सैन्य हमले का मजबूती से सामना किया जाए।” इस बीच रियाद, दोहा और अबू धाबी में भी धमाकों की आवाजें सुने जाने की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है।
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