विशेषज्ञों की चेतावनी—बढ़ता स्क्रीन टाइम और कम आउटडोर गतिविधियां बन रहीं बड़ी वजह, दिल्ली में करीब 6 लाख बच्चे प्रभावित
भारत में स्कूली बच्चों के बीच आंखों से जुड़ी समस्या Myopia (नजदीक की नजर कमजोर होना) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार देश के लगभग 24.8 करोड़ स्कूली छात्रों में से करीब 5.7 करोड़ बच्चे मायोपिया से प्रभावित हैं, जो एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है।
राजधानी Delhi में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि यहां करीब 6 लाख स्कूली बच्चे मायोपिया से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कम उम्र में मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल तथा बच्चों का कम समय बाहर खेलना इस समस्या के प्रमुख कारण बन रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते आंखों की नियमित जांच और सही इलाज न कराया जाए तो मायोपिया आगे चलकर गंभीर दृष्टि समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करने और उन्हें अधिक से अधिक समय आउटडोर गतिविधियों में शामिल करने की सलाह दी जा रही है।
नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में नियमित आंखों की जांच कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए, ताकि शुरुआती चरण में ही समस्या की पहचान कर उसका उपचार किया जा सके।
OneIndia24live Hindi News Channel Today Breaking News Hindi Samachar