दतिया : दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार के एक मामले में बड़ा झटका लगा है। MP MLA Court ने उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद उनकी विधायकी पर संकट गहराता नजर आ रहा है।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी जनप्रतिनिधि को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता समाप्त हो सकती है। ऐसे में दतिया विधानसभा सीट खाली होने की स्थिति बन सकती है और यहां उपचुनाव कराए जाने की संभावना भी बढ़ गई है।
हालांकि, कोर्ट ने राजेंद्र भारती को 15 दिन की अंतरिम जमानत भी प्रदान की है। इस दौरान वे उच्च न्यायालय में फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं। यदि Madhya Pradesh High Court या Supreme Court से उन्हें राहत मिलती है, तो उनकी विधायकी बच सकती है।अब इस पूरे मामले की नजर उच्च अदालतों पर टिकी है, जहां से मिलने वाला फैसला तय करेगा कि राजेंद्र भारती राजनीतिक रूप से राहत पाते हैं या दतिया में उपचुनाव की नौबत आती है।
ये है पूरा मामला
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की MP/MLA कोर्ट ने भूमि विकास बैंक से जुड़े एक मामले में बुधवार को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी मानते हुए सख्त रुख अपनाया है। इस फैसले को प्रदेश की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
मामले के अनुसार, विधायक राजेंद्र भारती ने अपनी मां के नाम पर बैंक में 10.50 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तीन साल के लिए कराई थी, जिस पर 13.50 प्रतिशत ब्याज निर्धारित था। आरोप है कि बाद में इस एफडी की अवधि में कथित रूप से हेरफेर करते हुए उसे 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया।
इस गड़बड़ी को लेकर बैंक कर्मचारी नरेंद्र सिंह ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसे धोखाधड़ी का मामला माना और केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधायक को दोषी करार दिया। अब इस मामले में सजा को लेकर अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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