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कन्नौज- वन दरोगा के रहमो करम पर धड़ल्ले से चल रही अवैध आरा मशीनें


_वन विभाग की मिली भगत से जनपद कन्नौज में संचालित है अवैध रूप से आरा मशीनें

रिपोर्ट_अवनीश चंद्र तिवारी

कन्नौज।
वन विभाग की मिली भगत से जनपद में कई आरा मशीनें अवैध रूप से संचालित है।
इस तरह के कारोबारी से सुविधा शुल्क मिलने की बजह से लकड़ी माफिया बेखौफ होकर इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
बताते चले कि एक मामला गुरसहायगंज रेंज का है जहाँ पहले तो एक अवैध आरा मशीन को तालग्राम से उखाड़ कर तेराजकेट में रेंज कार्यालय लाया जाता है पर उस आरा मशीन संचालक के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की जाती है हालांकि की मशीन को वन विभाग अपने कब्जे में ले लेती है।
सूत्रों की माने जाए तो मोटी रकम लेकर के उस अवैध आरा मशीन को रेंज कार्यालय से वापस उसी संजय नाम के व्यक्ति को दे दी जाती है।
मजे की बात तो यह है कि वह मशीन को ले जाकर उसी जगह फिर से लगा देता है और लकड़ी का कार्य शुरू कर देता है।
अब साहब ने तो उसे चलबा ने का ठेका जो ले रखा है तो उसे किस बात का डर हो।
परन्तु कुछ वन विभाग के ही कर्मचारी जिन्हें हिस्सा न मिलने की वजह से उक्त आरा मशीन की बात को मीडिया तक पहुंचा देते है।
इस पूरे मामले पर रेंजर राकेश कुमार से बात की गई तो पहले तो उन्होंने उक्त आरा मशीन के विषय में घुमा फिरा कर बात को परोसा जब मीडिया वाले पीछे पड गए तो उन्होंने सत्य को स्वीकार किया और बाद में साहब ने जो कबूल किया वह बेहद हास्यास्पद था । उनका कहना था कि अवैध आरा मशीन रेंज में ऑन द रिकॉर्ड नही है मशीन को उस जगह से उखाड़ दी गई थी लेकिन इसके बाद कोई कार्यवाही नही की गई तो आरा मशीन को पुनः संजय को वापस कर दी गई थी। सवाल अब यह उठता है कि प्रथम बार अवैध रूप से चल रही मशीन को पकड़ा गया और रेंज कार्यालय में रखी रही और फिर उसी मालिक को मशीन वापस कर दी गई ।
अब दूसरी बार भी रेंजर गुरसहायगंज दल बल के साथ अवैध आरा मशीन पर तालग्राम में छापा मारने गए वहां पर देखा गया कि पुनः वही मशीन लगी थी।
सूत्र द्वारा ज्ञात हुआ कि वन दरोगा राजकुमार ने उसे पन्नी से ढकवा दिया और फिर खाली हाथ वापस लौट आये ।
इस बार भी कार्यवाही के नाम पर शून्य ही रहा वन विभाग। अब कार्यवाही भला कैसे हो जब सेटिंग होकर ही महकमा खुद अवैध आरा मशीन को चलने की इजाजत दे रहा हो।

इस बाबत रेंजर राकेश कुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि अवैध आरा मशीन लगी पाई लेकिन बंद पड़ी थी ।
अब सबाल यह उठता है साहब जब आप खुद बोल रहे हो कि पहले यह अवैध आरा मशीन को वन विभाग की टीम उखाड़ चुकी हैं तो फिर दूसरी बार उसकी हिम्मत कैसे पड़ी और जब दूसरी बार लगी मिली तो उस पर कार्यवाही क्यों नही की गई।

ज्ञात हो कि इस तरह से तमाम अवैध आरा मशीन जनपद कन्नौज में संचालित है जिनपर वन विभाग मेहरबान है जिससे सरकार को लाखों के राजस्व की हानि हो रही है।
इस मामले पर डी.एफ.ओ हेमंत सेठ से बात करने पर साहब ने फोन रिसीव नहीं किया और जल्द फोन उठाते भी नहीं है क्यों कि उनको कन्नौज चंदन संदल की फैक्ट्रियों से फुर्सत नहीं मिलती,फिलहाल सरकार का राजस्व हानि तो हो रही है परन्तु अवैध तरह से आरा मशीनें ब कन्नौज में चंदन संदल की मिले तो मिली भगत से जारी है।

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