श्रावस्ती/इकौना।
इकौना तहसील अधिवक्ता संघ ने सोमवार को प्रदेश के रामपुर और बाराबंकी में अधिवक्ताओं की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटनाओं के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी इकौना को सौंपा।
धरने का नेतृत्व संघ अध्यक्ष उदय राज पांडे और महामंत्री राजेंद्र प्रसाद मिश्रा ने किया। सैकड़ों अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। ज्ञापन उपजिलाधिकारी पीयूष जायसवाल को सौंपते हुए संघ अध्यक्ष ने कहा कि 11 फरवरी को रामपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता फारुख खान की सरकारी कार्यालय में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं 13 फरवरी को बाराबंकी में अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बांबी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इन घटनाओं से पूरे प्रदेश के अधिवक्ता समाज में असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, लेकिन उनके साथ इस प्रकार की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने राजस्थान की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने की मांग की।
महामंत्री राजेंद्र प्रसाद मिश्रा ने मांग की कि दोनों जनपदों में हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही दिवंगत अधिवक्ताओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। न्यायालय परिसरों और सरकारी कार्यालयों में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की भी मांग की गई।
इस दौरान अधिवक्ता पवन कुमार मिश्रा, विजय कुमार द्विवेदी, रामकुमार शुक्ला, ए.के. सिंह, सत्यप्रकाश मिश्र, दूधनाथ यादव, आशुतोष पाठक, सुरेंद्र मिश्रा, वंशराज शुक्ला, मनोज कुमार सिंह, श्रीधर द्विवेदी, सुधीर शुक्ला, विजय कुमार पांडे, विष्णु कुमार गुप्ता, नीरज शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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