UPSC Result 2025: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है, जिसमें बिहार के नवादा जिले के एक लाल ने अपनी सफलता से पूरे देश को चौंका दिया है। अकबरपुर प्रखंड के महुली गांव के रहने वाले रवि राज ने देशभर में 20वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो शारीरिक अक्षमता भी सफलता की राह नहीं रोक सकती। बचपन में आंखों की रोशनी खो देने वाले रवि अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी के रूप में देश की सेवा करेंगे।
मां बनीं ‘आंखें’, पिता का मिला अटूट साथ
रवि की यह सफलता केवल उनकी मेहनत का ही नहीं, बल्कि उनकी मां विभा सिन्हा के तप का परिणाम है। रवि ने बचपन में ही अपनी दृष्टि खो दी थी, लेकिन उनकी मां ने उनके सपनों की रोशनी को कम नहीं होने दिया। विभा सिन्हा स्वयं पुस्तकें पढ़कर रवि को सुनाती थीं और उनके लिए नोट्स तैयार करती थीं। रवि प्रतिदिन 8-10 घंटे घर पर ही रहकर पढ़ाई करते थे। उन्होंने अपनी तैयारी में तकनीक का बखूबी सहारा लिया और यूट्यूब पर खान सर जैसे शिक्षकों के लेक्चर्स सुनकर अपनी समझ विकसित की।
BPSC के बाद अब UPSC में गाड़ा झंडा
यह रवि की पहली बड़ी सफलता नहीं है। इससे पहले उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में भी जिला टॉपर बनकर राजस्व अधिकारी का पद प्राप्त किया था। हालांकि, उनका लक्ष्य हमेशा से आईएएस बनना था, जिसे उन्होंने आज अपनी कड़ी मेहनत से साकार कर लिया है।
शैक्षणिक सफर: गांव की गलियों से शिखर तक
रवि की प्रारंभिक शिक्षा दयाल पब्लिक स्कूल से हुई, जिसके बाद उन्होंने सत्येंद्र नारायण सिंह इंटर स्कूल से इंटरमीडिएट किया। उन्होंने सीताराम साहू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। एक साधारण किसान परिवार (पिता रंजन कुमार सिन्हा) से ताल्लुक रखने वाले रवि की इस उपलब्धि ने उनके गांव महुली और पूरे नवादा जिले में उत्सव का माहौल पैदा कर दिया है।
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