बहराइच (आशा पाठक, संवाददाता)।
लखनऊ स्थित गीता भवन में सूर्य नारायण फाउंडेशन द्वारा आयोजित “रंग बरसे” कार्यक्रम के अंतर्गत कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चार दशक से चिकित्सा, साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सेवानिवृत्त चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक “गुलशन” को मातृ श्री स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें प्रसिद्ध साहित्यकार विद्या विन्दु सिंह के कर कमलों से अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संयोजन अमित श्रीवास्तव और मनस्वी श्वेता द्वारा किया गया।
डॉ. अशोक “गुलशन” अब तक 102 देशों से 2722 से अधिक सम्मान, पुरस्कार और अलंकरण प्राप्त कर चुके हैं। उनकी 26 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उन्होंने सबसे लंबी, सबसे बड़ी तथा सबसे छोटी ग़ज़ल सहित कई साहित्यिक विधाओं में अनोखे प्रयोग कर विश्व, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर 56 रिकॉर्ड स्थापित किए हैं, जिन्हें विभिन्न रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज किया गया है।
उनकी लगभग तीन हजार रचनाएँ देश-विदेश की 1216 पत्र-पत्रिकाओं और संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी रचनाओं को कई गायक-गायिकाओं ने स्वर भी दिया है।
डॉ. गुलशन को साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में 49 देशों से 123 ऑनरेरी डॉक्टरेट, 6 डी.लिट., 18 देशों से 87 अंतरराष्ट्रीय सम्मान सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें उ.प्र. सरकार के राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान द्वारा अमृत लाल नागर पुरस्कार और डॉ. हरिवंश राय बच्चन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इस सम्मान से साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को नई पहचान मिली है। 🎖️📖
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