भोपाल : मध्य प्रदेश के करीब 22.5 लाख बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनभोगियों के लिए दिल्ली से निराशाजनक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में बढ़ोतरी करने से साफ इनकार कर दिया है। इस फैसले से राज्य के लाखों जरूरतमंद लोगों को राहत मिलने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
राज्यसभा में सरकार का लिखित जवाब
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि फिलहाल NSAP के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। सरकार के इस जवाब के बाद यह साफ हो गया है कि निकट भविष्य में केंद्र की ओर से पेंशन राशि में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
नीति आयोग ने बढ़ाने की दी थी सिफारिश
बताया जा रहा है कि नीति आयोग और कई मूल्यांकन अध्ययनों में यह सिफारिश की गई थी कि पेंशन की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि इसे कम से कम 1000 से 1200 रुपये तक किया जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने में कुछ राहत मिल सके। हालांकि केंद्र सरकार ने फिलहाल इन सिफारिशों को लागू नहीं किया है।
बढ़ती महंगाई में राशि नाकाफी
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में मौजूदा पेंशन राशि बेहद कम है। इससे बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनभोगियों के लिए रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। कई लाभार्थी दवाइयों, राशन और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए इस पेंशन पर ही निर्भर रहते हैं।
राज्य सरकार की मदद पर निर्भर लाभार्थी
मध्य प्रदेश में कई पेंशनभोगी राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता पर निर्भर हैं। हालांकि केंद्र से मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी न होने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीदें फिलहाल अधूरी रह गई हैं। इस फैसले के बाद सामाजिक संगठनों और लाभार्थियों के बीच निराशा का माहौल है।
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