गोण्डा। मनुष्य को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए। सदैव प्रभु के शरण में रहना चाहिए। व्यक्ति को अपने मधुर एवं ओजस्वी बचनो से लोगों को प्रसन्न रखना चाहिए उक्त बातें उज्जैन के स्वामी प्रणव पुरी महाराज जी आर्यनगर में आयोजित श्री राम कथा के पहले दिन कहीं।
स्वामी प्रणव पुरी महाराज जी ने गंगा प्रसाद मिस्र अधिवक्ता के स्मृति में आयोजित चार दिवसीय श्री राम कथा के पहले दिन उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवात्मा कभी परमात्मा के बराबर नहीं हो सकती। व्यक्ति को परमात्मा के शरण में रहकर भक्ति भजन करनी चाहिए। जिससे व्यक्ति को मुक्ति मिलता है। कथा के आयोजक पावर कारपोरेशन के पूर्व एमडी अयोध्या प्रसाद मिश्रा, पंडित राम कैलाश मिश्रा, देवप्रभाकर मिश्रा,अतुल मिश्रा, निखिल मिश्रा, अखिल मिश्रा, राजकुमार दूबे, सपा नेता भगत राम मिश्रा, मसूद आलम खान, पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष सुरेश पांडे, प्रदीप तिवारी, अध्यक्ष राजीव रस्तोगी, अतुल तिवारी,राजेश सोनी, रमेश चौरसिया, शिव भगवान शुक्ला,अन्नी तिवारी,संतोष पांडे रिंकू, जितेंद्र नाथ मिश्रा, लिटिल मिश्रा, कीर्ति मिश्रा, देवी शरण पांडे ,डॉ ओपी मिश्रा, दद्दन शुक्ला, डॉ विनोद शुक्ला, डॉ विकल्प मिश्रा, मुकेश पाण्डेय,रहे।
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