मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हमले तेज हो गए हैं। इसी क्रम में कुवैत ने शुक्रवार को जानकारी दी कि ईरान के हमले में उसके एक डीसैलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचा है। यह हमला उस समय हुआ जब सुबह एक तेल रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया गया था।
कुवैत सरकार ने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि हमले में प्लांट के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, खाड़ी देशों में डीसैलिनेशन प्लांट पेयजल का प्रमुख स्रोत होते हैं, ऐसे में इन पर हमले से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
जानकारों का कहना है कि यदि ऐसे हमले जारी रहते हैं तो कुवैत समेत अन्य खाड़ी देशों में पानी की भारी कमी हो सकती है, जो क्षेत्र के लिए एक बड़ी मानवीय संकट का रूप ले सकती है।
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