* मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और मानक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश।
* मानक के अनुरूप औषधियों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कन्नौज
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने आज 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, छिबरामऊ का सघन निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का बिंदुवार परीक्षण किया तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, त्वरित और मानक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि पर्चा एवं टोकन काउंटर पर मैनपावर बढ़ाई जाए, काउंटर का स्थान विस्तृत किया जाए तथा एक स्पष्ट फ्लैक्सी/डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए, जिसमें पंजीकरण की प्रक्रिया, समय-सारणी एवं आवश्यक जानकारी अंकित हो, ताकि मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
उन्होंने स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र प्रस्ताव प्रेषित करने तथा कान जांच मशीन (ईएनटी उपकरण) क्रय करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक स्वयं प्रत्येक कक्ष/केबिन में जाकर चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से समन्वय स्थापित करें, उन्हें प्रेरित करें, मरीजों की समस्याएं सुनें और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। बजट अथवा अन्य किसी प्रकार की बाधा होने पर तत्काल अवगत कराने को कहा, ताकि समयबद्ध समाधान किया जा सके।
ईडीसी में दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध 178 प्रकार की दवाएं ही हैं। मानक के अनुरूप औषधियों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ईएनटी कक्ष, नेत्र कक्ष, ऑपरेशन थिएटर एवं उपकरणों का निरीक्षण करते हुए ऑपरेशन थिएटर प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सैंपलिंग/कलेक्शन कक्ष, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड तथा इमरजेंसी कक्ष का सूक्ष्म परीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से वार्ता कर उपचार, दवाओं तथा भोजन आदि व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया।
उन्होंने उप जिलाधिकारी छिबरामऊ एवं जिला क्षय रोग अधिकारी को निर्देशित किया कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के साथ समन्वय स्थापित कर आईसीयू को शीघ्र क्रियाशील किया जाए तथा प्राप्त उपकरणों/सामग्री का स्टॉक पंजिका से मिलान सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान बैठक कर जिलाधिकारी ने स्टेशनरी, डीजल/पेट्रोल, व्यावसायिक सेवाएं, अनुरक्षण, औषधि-रसायन, औषधालय, साज-सज्जा, कंप्यूटर अनुरक्षण, पैथोलॉजी तथा आउटसोर्स कर्मियों के वेतन आदि मदों में व्यय की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जो सामान भी क्रय किया जाए, जेम पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएं। अस्पताल परिसर, वॉटर कूलर सहित, पूर्णतः स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रखा जाए।
जिलाधिकारी ने दो टूक निर्देश दिए कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए; सेवा, संवेदनशीलता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी छिबरामऊ ज्ञानेंद्र द्विवेदी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. के.पी. त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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