रिपोर्ट – अवनीश चंद्र तिवारी
कन्नौज
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले आज ब्लॉक संसाधन केंद्र कन्नौज में महासंघ की बैठक का आयोजन किया। जिसमें महासंघ के पदाधिकारियों के द्वारा टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में 13 अप्रैल को फिर से सड़क पर उतर करके मशाल जूलूस का आयोजन करते हुए विरोध प्रदर्शन दर्ज कराने की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया।
महासंघ के जिला संयोजक सुशील कुमार यादव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा 1 सितम्बर 2025 को आरटीई एक्ट के लागू होने से पूर्व से विभाग में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के संबंध में दिए गए निर्णय से देश प्रदेश में लाखों शिक्षक प्रभावित हो रहे है। जिसको वापस कराए जाने को लेकर के महासंघ के राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर जनपद में कार्यरत दो दर्जन शिक्षक संगठनों के शिक्षक 13 अप्रैल को समय सायंकाल 5 बजे से पुराने बीएसए कार्यालय कन्नौज से लेकर के तिर्वा क्रासिंग स्थिति डॉक्टर राम मनोहर लोहिया प्रतिमा स्थल तक मशाल जूलूस का आयोजन करके विरोध दर्ज कराएंगे। जिला संयोजक प्रवीन पाठक ने मशाल जूलूस को सफल बनाए जाने को लेकर के शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में ससमय प्रतिभाग करने का आवाहन किया। जिला संयोजक सुनील राजपूत ने कहा कि सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता का निर्णय सेवा शर्तों के विरुद्ध है । इसे वापस लिया जाए। रामनारायण बौद्ध ने कहा कि महासंघ इसके लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा।
इस दौरान अटेवा के प्रांतीय सोशल मीडिया प्रभारी सूफियान अहमद , इश्तियाक खान , प्रमोद यादव , अबधनारायण, सहित कई शिक्षक उपस्थिति रहे।
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