मालदा मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी देखने को मिली। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने राज्य के मुख्य सचिव से सवाल किया कि क्या वे कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस का फोन भी नहीं उठाते हैं।
इस पर मुख्य सचिव ने जवाब दिया कि एक नंबर बंद था और दूसरा “हाई सिक्योरिटी” वाला नंबर है, जिस तक पहुंचना आसान नहीं है। इस जवाब पर कोर्ट ने नाराज़गी जताई।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सुरक्षा इतनी अधिक नहीं होनी चाहिए कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जैसे संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी भी आपसे संपर्क न कर सकें। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अधिकारियों को “थोड़ा नीचे आना चाहिए” ताकि अन्य अधिकारी भी उनसे आसानी से संवाद कर सकें।
इस टिप्पणी के बाद कोर्ट में कुछ समय के लिए गंभीर माहौल बन गया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रशासनिक जवाबदेही और संवाद की कमी को लेकर न्यायालय ने स्पष्ट नाराज़गी जताई।
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