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गोण्डा-बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति बनेगी आय का अतिरिक्त स्रोत – डीएम


बेड एंड ब्रेकफास्ट व होमस्टे नीति से खुलेगा रोजगार का द्वार, गोण्डा में डीएम ने किया जागरूकता कार्यक्रम

पर्यटन से बढ़ेगी आमदनी: होमस्टे और बी एंड बी नीति 2025 को लेकर डीएम ने किया आह्वान

ग्रामीण-शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी बेड एंड ब्रेकफास्ट व होमस्टे योजना – डीएम

गोण्डा– उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई “बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) एवं होमस्टे नीति–2025” जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए आय के नए अवसर खोल रही है। इसी उद्देश्य से जनपद में इस नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए गोण्डा टाउन हॉल में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह नीति पर्यटकों को किफायती, सुरक्षित और स्थानीय संस्कृति से जुड़ा आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण जनपद है, जहां धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के कारण वर्ष भर श्रद्धालु और पर्यटक आते रहते हैं। ऐसे में होमस्टे और बी एंड बी इकाइयों का नियमानुसार संचालन पर्यटकों की सुविधा और स्थानीय लोगों की आय—दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के समीप स्थित में प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। वहां आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए गोण्डा के नागरिक इस नीति के माध्यम से लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि छपिया मंदिर और पृथ्वीनाथ मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के रूप में यह योजना अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है।

जिलाधिकारी ने नीति की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके अंतर्गत कोई भी मकान मालिक अपने घर के अधिकतम 6 कमरे या 12 बेड पर्यटकों को किराए पर दे सकता है। होमस्टे की स्थिति में मकान मालिक का स्वयं घर में रहना अनिवार्य है, जबकि बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाई में केयरटेकर की व्यवस्था की जा सकती है। यह नीति गोल्ड और सिल्वर श्रेणियों में विभाजित है तथा इसका ऑनलाइन पंजीकरण up-tourismportal.in पर किया जा सकता है, जिसमें ₹500 से ₹2000 तक का नाममात्र शुल्क निर्धारित है।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में इस योजना का प्रचार करें और स्वयं भी पंजीकरण कराकर दूसरों को प्रेरित करें। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में होमस्टे और बी एंड बी इकाइयाँ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने सभी कर्मचारियों से आग्रह किया कि जिनके बचत खातों में वेतन या मानदेय प्राप्त हो रहा है, वे अपने खातों को सैलरी अकाउंट में परिवर्तित कराएं, जिससे उन्हें बैंकिंग सुविधाओं का अतिरिक्त लाभ मिल सके।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, पर्यटन सूचना अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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