लखनऊ- राजधानी के आलमबाग सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अतिक्रमण की समस्या विकराल होती जा रही है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ उन क्षेत्रों तक सीमित नजर आती है जहां से वीवीआईपी मूवमेंट होता है। आम इलाकों में हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों, फुटपाथों और बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई नहीं की जा रही। स्थिति यह है कि जहां वीवीआईपी दौरे की संभावना होती है, वहां तत्काल सफाई अभियान चलाकर अतिक्रमण हटा दिया जाता है, जबकि अन्य इलाकों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
यह समस्या सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में कमोबेश यही हालात देखने को मिल रहे हैं। बार-बार चलाए जाने वाले अभियान भी स्थायी समाधान देने में विफल साबित हो रहे हैं, क्योंकि कुछ ही दिनों बाद दोबारा अतिक्रमण हो जाता है।
शहरवासियों का कहना है कि जब तक प्रशासन नियमित और सख्त अभियान नहीं चलाएगा तथा अतिक्रमण करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। लोगों ने मांग की है कि अतिक्रमण के खिलाफ बिना भेदभाव के व्यापक अभियान चलाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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